कौन हूँ मैं
इक चेहरा बेजान सी भीड़ का ?
या इक आंसू दरी सहमी उम्मीद का ?
मुसाफिर खोयी हुई राहों का?
या चीखता दर्द आहों कराहों का ?
सिलसिला खुद से रंजिशों का ?
या घाव सपनों पर लगी बंदिशों का ?
इक एहसास लहुलुहान सा
या इक ज़ख्म कैद हुई उड़ान का?
इक चेहरा बेजान सी भीड़ का ?
या इक आंसू दरी सहमी उम्मीद का ?
मुसाफिर खोयी हुई राहों का?
या चीखता दर्द आहों कराहों का ?
सिलसिला खुद से रंजिशों का ?
या घाव सपनों पर लगी बंदिशों का ?
इक एहसास लहुलुहान सा
या इक ज़ख्म कैद हुई उड़ान का?
No comments:
Post a Comment